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रविवार, 6 सितंबर 2020

ONLINE payment solutions




आज हम बात करेंगे डिजिटल पेमेंट सिस्टम की। भारत देश आज डिजिटल लेन देन की और बढ़ रहा है जिसे कैश लैस ट्रांसाक्शन भी कहते है।जब किसी अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह ना के बराबर हो जाए तथा सभी लेन-देन डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, तत्काल भुगतान सेवा (Immediate Payment Service-IMPS), राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (National Electronic Funds Transfer-NEFT) और रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (Real Time Gross Settlement-RTGS) जैसे इलेक्ट्रॉनिक चैनलों एवं एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (Unified Payments Interface) जैसे भुगतान माध्यमों से होने लगे तो यह स्थिति कैशलेस अर्थव्यवस्था के रूप में परिभाषित की जाती है।

कैशलेस लेन-देन के प्रकार

मोबाइल वॉलेट:
♦ मोबाइल वॉलेट स्मार्टफोन में मौजूद एक वर्चुअल वॉलेट (आभासी वॉलेट) है, जिसमें पैसे डिजिटल मनी के रूप में रखे जाते हैं।
♦ दूसरे शब्दों में कहें तो यह एक डिजिटल पर्स है जिसमें से पैसे को निकालकर लेन-देन और भुगतान किया जा सकता है।
 EXAMPLE PAYTM, PHONEPE, GOOGLE PAY, MOBIKWIK , FREECHARGE, AMAZON PAY ETC.

प्लास्टिक मनी:
♦ प्लास्टिक मनी के प्रयोग से कैशलेस अर्थव्यवस्था को बल तो मिलता ही है साथ में नकदी लेकर चलने की झंझटों से भी मुक्ति मिल जाती है।एक वर्चुअल वॉलेट (आभासी वॉलेट) है, जिसमें पैसे डिजिटल मनी के रूप में रखे जाते हैं।
♦ प्लास्टिक मनी का तात्पर्य प्‍लास्टिक से बने उन कार्ड्स जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि से है जिनका इस्‍तेमाल भुगतान आदि के लिये किया जा सकता है।
♦ डेबिट कार्ड( Debit Card)- इस कार्ड से हम अपने बैंक खाते में जमा रुपए का उपयोग एटीएम से नकदी निकालने के लिए और बाहर कहीं भी उपयोग कर सकते है केसे शॉपिग माल , ऑनलाइन लेन देन में भी कर सकते है।
♦ क्रेडिट कार्ड ( Credit Card ) – डेबिट कार्ड से आप उतनी ही रकम खर्च कर सकते हैं, जितना आपके बैंक अकाउंट में है, जबकि क्रेडिट कार्ड (Credit Card) एक उधारी खाते की तरह है.जह कार्ड एक प्रकार का लोन ही होता है अगर हम क्रेडिट कार्ड से प्रयोग की गई धन राशि बैंक के दिए गए टाइम पर भुगतान करदे तो इस राशि का कोई भी ब्याज नहीं देना पड़ता। इस कार्ड से आपको रिडीम पॉइंट्स मिलते है जिससे आपको फ़्री में नकदी जा ऑनलाइन गिफ्ट मिल सकते है।

नेट बैंकिंग :
♦ किसी भी बैंक द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का कंप्यूटर, मोबाइल या किसी अन्य यंत्र के माध्यम से इंटरनेट के ज़रिये प्रयोग करना नेट बैंकिंग कहलाता है।
♦ इसके लिये बैंक वेबसाइट और मोबाइल एप बनाकर उसे अपने ग्राहकों को इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध करवाते हैं।

नैशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) :
♦ नैशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) एक सुविधाजनक ऑनलाइन मनी ट्रांसफर टूल है जिसके द्वारा आप किसी भी अकाउंट होल्डर को पेमेंट भेज सकते हैं। ट्रांसफर अमाउंट लिमिट, और खर्चा अलग-अलग बैंक के लिए अलग-अलग हो सकता है।आम तौर पर, यह सेटलमेंट, वीकडे के दौरान सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच होता है और शनिवार के दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच होता है। NEFT उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो एक बड़ी रकम ट्रांसफर करना चाहते हैं।

रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) :
♦ रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) एक बड़े अमाउंट वाले लेनदेन के लिए होता है और इसके माध्यम से आप 2 लाख रुपये से बड़ी रकम ट्रांसफर कर सकते हैं। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, इस माध्यम से होने वाला मनी ट्रांसफर, रियल टाइम बेसिस पर होता है। RTGS ट्रांसफर के लिए कोई अपर लिमिट नहीं है।RTGS का ऑपरेटिंग टाइम, सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से दोपहर 4.30 बजे के बीच और शनिवार के दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच का होता है
अमाउंट ट्रांसफर खर्चा अलग-अलग बैंक के लिए अलग-अलग हो सकता है।

इमीडियेट पेमेंट ट्रांसफर सर्विस (IMPS) :
♦ इमीडियेट पेमेंट ट्रांसफर सर्विस (IMPS) आपको तुरंत फंड ट्रांसफर करने की इजाजत देता है और इसका अपर ट्रांसफर लिमिट 2 लाख रुपये है। IMPS के लिए फंड ट्रांसफर अमाउंट के आधार पर 5 से 15 रुपये तक फंड ट्रांसफर चार्ज लिया जाता है।

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) :
♦ यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI), मोबाइल ऐप्लिकेशन के माध्यम से काम करता है, यह फैसिलिटी सातों दिन और चौबीसों घंटे मिलती है। UPI लेनदेन का अपर लिमिट, 1 लाख रुपये है और 24 घंटे में अधिकतम 10 बार लेनदेन की इजाजत है। आप आईएफएससी कोड या अकाउंट नंबर दर्ज किए बिनाा पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है जहां फंड्स, रियल टाइम बेसिस पर तुरंत क्रेडिट हो जाते हैं।इसका कोई खर्चा जा चार्जेस नहीं होते जह फ़्री होती हैं। इस के लिए बहुुत मोबाइल ए्लिकेशन है। जो नीचे दिए गए है ।

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