दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई, काहे को दुनिया बनाई.
क्यों चौंक गये न आप? मैं जानाता हूं कि आप ये सोच रहे होंगे कि आज अचानक मुझे लिखते-लिखते ये क्या हो गया, जो मैं ये गाना गाने लगा. तो जनाब चौंकिये मत. ये गाना किसी ग़म में नहीं, बल्कि पागलपन की हंसी में गा रहा हूं. पर ऐसा नहीं है कि बिना बात के हंसे जा रहा हूं. बात ही कुछ ऐसी है कि इन लोगों ने दिमाग का दही करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. सच कहता हूं अगर आज कालीदास जीवित होते, तो वे भी अपने आप को माफ नहीं कर पाते. अब इन तस्वीरों को आप भी देख लीजिये. इन्हें देखने के बाद लोगों की हरकतों पर इतनी हंसी आयेगी कि आप हंसते-हंसते कहीं पागल न हो जाएं.
हंसी के फुल डोज़ वाली इन तस्वीरों की एक झलक आप भी देखें.